तामिया में गूंजा आयुर्वेद का मंत्र: एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों ने लिया स्वस्थ भारत का संकल्प
2. राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस: एकलव्य स्कूल तामिया में स्वास्थ्य जागरूकता सेमिनार, विद्यार्थियों को सिखाए स्वस्थ जीवन के सूत्र
3. आयुर्वेद केवल उपचार नहीं, जीवन जीने की कला है – डॉ. मेरावी
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर एकलव्य विद्यालय तामिया में जागरूकता सेमिनार, विद्यार्थियों ने लिया स्वस्थ भारत का संकल्प
तामिया, छिंदवाड़ा दबंग इंडिया। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय तामिया में आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली पर विशेष जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर डॉ. धर्मेंद्र मेरावी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, यह स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा और जीवन को संतुलित रखने की संपूर्ण विज्ञान है।
उन्होंने कहा कि किशोरावस्था स्वास्थ्य की नींव रखने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस उम्र में लिया गया संतुलित आहार, पूरी नींद, नियमित योग-व्यायाम और सकारात्मक सोच ही भविष्य के स्वस्थ जीवन का आधार बनती है।
सेमिनार में विद्यार्थियों को जंक फूड, मोबाइल का अत्यधिक उपयोग और नशे जैसी अस्वस्थ आदतों से होने वाले नुकसान के बारे में भी विस्तार से बताया गया। साथ ही औषधीय पौधों और भारतीय चिकित्सा परंपरा के महत्व को समझाया गया।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि नायब तहसीलदार तामिया आशुतोष रामटेके ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दें और जो ज्ञान यहां मिला है उसे अपने परिवार और समाज तक भी पहुंचाएं।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य रामकुमार डेहरिया सहित समस्त शिक्षक-स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अंत में ‘स्वस्थ जीवन, स्वस्थ समाज और स्वस्थ भारत’ का संकल्प लिया।
एकलव्य विद्यालय तामिया में विद्यार्थियों को आयुर्वेद के बारे में जानकारी देते डॉ. धर्मेंद्र मेरावी और मंच पर उपस्थित अतिथि।
छिंदवाड़ा दबंग इंडिया कन्हैया विश्वकर्मा










