पवित्रता शर्मसार: गुरैया मोक्ष धाम बना शराबियों और जुआरियों का ‘सेफ जोन’,
दिन में जाम-छलकते हैं, रात में 52 पत्ती पर लगते हैं हजारों के दांव, रहवासी कॉलोनियों में दहशत – देहात थाना बना अनजान
छिंदवाड़ा (दबंग इंडिया)। जहां कभी राम नाम सत्य और शांति के मंत्र गूंजने चाहिए, वहां आज शराब की बोतलों की खनक और जुए पर हार-जीत का शोर गूंज रहा है। जी हां, जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर, गुरैया से छिंदवाड़ा मार्ग पर बना गुरैया मोक्ष धाम अब मोक्ष नहीं, बल्कि नशा और जुए का सबसे बड़ा अड्डा बन गया है।
यह मामला अब चौक-चौराहों पर आम चर्चा बन गया है कि आखिर श्मशान जैसी पवित्र जगह को अय्याशी का अड्डा किसने बनने दिया?
कैसे चलता है पूरा खेल?
स्थानीय रहवासियों ने दबंग इंडिया को बताया कि इस खेल के दो शिफ्ट हैं।
पहली शिफ्ट – दिन की: सुबह से ही शराबियों का जमावड़ा मोक्ष धाम में शुरू हो जाता है। यहां ग्राम पंचायत द्वारा 24 घंटे पानी की सुविधा दी गई है, जिसका ये लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। पानी को चखने के तौर पर इस्तेमाल कर दिनदहाड़े खुलेआम शराब पी जाती है।
दूसरी शिफ्ट – रात की: असली खेल तो रात में शुरू होता है। अंधेरा होते ही मोक्ष धाम में जिले भर से जुआरी इकट्ठा होते हैं और यहां 52 पत्ती का बड़ा जुआ चलता है। हजारों रुपयों के दांव लगते हैं और देर रात तक यह सिलसिला चलता है।
कॉलोनीवासी सहमे, बेटियों का निकलना मुश्किल
मोक्ष धाम के आसपास कई बड़ी रहवासी कॉलोनियां हैं। शाम होते ही शराबियों की गाली-गलौज और हुड़दंग से पूरा माहौल खराब हो जाता है। महिलाओं और बच्चों का वहां से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि इस अड्डे के कारण कॉलोनी में चोरी और असुरक्षा की भावना भी बढ़ गई है।
पुलिस को कई बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई शून्य
सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर है। रहवासियों का आरोप है कि देहात थाने में इस बारे में कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की जा चुकी है। लेकिन पुलिस आज तक मौके पर झांकने तक नहीं गई। इसी अनदेखी के कारण शराबियों और जुआरियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें किसी का डर ही नहीं रहा।
स्वच्छ भारत अभियान की खुल रही पोल
एक तरफ ग्राम पंचायत गुरैया स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर लाखों रुपयों के बिल निकाल रही है, तो दूसरी तरफ मोक्ष धाम की हकीकत देखकर इस अभियान की पोल खुल रही है। मोक्ष धाम परिसर में जगह-जगह शराब की खाली बोतलें, प्लास्टिक, डिस्पोजल और गंदगी का अंबार लगा है। न तो सफाई होती है, न ही देखरेख।
लोगों की मांग: ग्रामवासियों और कॉलोनी के रहवासियों ने कलेक्टर और एसपी से मांग की है कि इस पवित्र स्थल को तत्काल असामाजिक तत्वों से मुक्त कराया जाए, यहां लगी पानी की सुविधा को नियंत्रित किया जाए और रात में नियमित पुलिस गश्त शुरू की जाए।
छिंदवाड़ा दबंग इंडिया कन्हैया विश्वकर्मा










