छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में दर्दनाक हादसा: वॉर्मर मशीन में आग लगने से एक नवजात की मौत, दो की हालत गंभीर
- अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल, वॉर्मर में स्पार्किंग के बाद भड़की आग
- एक ही वॉर्मर पर रखे थे तीन बच्चे; गंभीर रूप से झुलसे दो नवजातों को जबलपुर किया गया रेफर
- आनन-फानन में 30 नवजातों को दूसरी यूनिट में किया गया शिफ्ट, वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम जांच में जुटी
दबंग इंडिया छिंदवाड़ा / छिंदवाड़ा। जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU/NICU) में बीती रात करीब 1:50 बजे एक भयानक और दर्दनाक हादसा हो गया। वॉर्मर मशीन में अचानक शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग होने से आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से एक नवजात शिशु की मौत हो गई, जबकि दो अन्य नवजात गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की घोर लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक ही वॉर्मर पर रखे गए थे तीन नवजात
मिली जानकारी के अनुसार, रात लगभग पौने दो बजे SNCU वार्ड में लगे एक वॉर्मर में अचानक स्पार्किंग हुई और देखते ही देखते आग भड़क गई।
इस वॉर्मर में नियम विरुद्ध एक साथ तीन नवजात शिशुओं को रखा गया था। आग की लपटें और धुआं उठते ही वार्ड में हड़कंप मच गया। वॉर्मर में झुलसे तीनों बच्चों को ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने तुरंत बाहर निकाला, लेकिन तब तक आग की वजह से एक नवजात की दर्दनाक मौत हो चुकी थी, जबकि दो अन्य मासूम गंभीर रूप से झुलस गए।
30 नवजातों को सुरक्षित शिफ्ट किया गया
घटना के वक्त वार्ड में मौजूद अन्य 30 नवजात शिशुओं को तुरंत आनन-फानन में बाहर निकालकर दूसरी यूनिट में सुरक्षित शिफ्ट कराया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही RMO, चाइल्ड स्पेशलिस्ट, मेडिकल कॉलेज के डीन, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। सर्जिकल, आई और ईएनटी स्पेशलिस्टों ने झुलसे हुए मासूमों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया।
सुपरस्पेशलिटी इलाज के लिए जबलपुर रेफर
दो नवजातों की नाजुक स्थिति को देखते हुए जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन से फोन पर समन्वय स्थापित किया गया। इसके बाद दोनों गंभीर रूप से झुलसे बच्चों को बेहतर व सुपरस्पेशलिटी इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया है, जहां उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल
हादसे के बाद सवाल उठ रहा है
कि क्या अस्पताल में लगे मेडिकल उपकरणों का नियमित मेंटेनेंस और सेफ्टी ऑडिट नहीं कराया जा रहा था? एक ही वॉर्मर पर तीन-तीन नवजातों को रखना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।
घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है और मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
छिंदवाड़ा दबंग इंडिया कन्हैया विश्वकर्मा










