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शिक्षकों ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट में ज्ञापन

छिंदवाड़ा दबंग इंडिया / छिंदवाड़ा में आज अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने TET परीक्षा और ई-अटेंडेंस के नियमों को लेकर विरोध जताया है।

शिक्षकों ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट में ज्ञापन सोफा

अपनी मांगें रखीं।
शिक्षकों की मांग है कि TET परीक्षा ऑनलाइन के बजाय जिला स्तर पर ऑफलाइन OMR शीट से कराई जाए और परीक्षा पोर्टल पूरी तरह निःशुल्क रखा जाए।परीक्षा कर्मचारी चयन मंडल के बजाय शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय स्तर पर आयोजित करने की मांग भी की गई। साथ ही वर्ष 2005 और 2008 से कार्यरत शिक्षकों को TET से छूट देने और परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष अवकाश देने की मांग उठाई गई।
यहां है प्रमुख मांगे

अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा, मध्यप्रदेश

जिला इकाई छिन्दवाड़ा
राष्ट्रपति भारत सरकार माननीय प्रधानमंत्री महोदय, भारत सरकार माननीय शिक्षामंत्री मंत्री भारत सरकार मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन माननीय शिक्षामंत्री मंत्री महोदय, मध्य प्रदेश शासन द्वारा – कलेक्टर जिला छिन्दवाड़ा म.प्र.

विषयः शिक्षक पात्रता परीक्षा TET के आयोजन, परीक्षा प्रणाली एवं शिक्षकों को दी जाने वाली छूट/सुविधाओं और ई अटेंडेंस के संबंध में ज्ञापन।

मध्य प्रदेश के शिक्षक एवं शिक्षक अभ्यर्थियों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा TET से संबंधित निम्नलिखित मांगें आपके समक्ष प्रस्तुत की जा रही हैं।

प्रमुख मांगें

1 TET परीक्षा जिला स्तर पर ऑफलाइन OMR शीट के माध्यम से आयोजित की जाए।

शिक्षक पात्रता परीक्षा TET का आयोजन प्रदेश के प्रत्येक जिले में पर्याप्त परीक्षा केंद्र निर्धारित कर ऑफलाइन माध्यम से OMR शीट द्वारा कराया जाए, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के शिक्षक एवं अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी न हो तथा परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनी रहे।

2 TET परीक्षा पोर्टल निशुल्क होनी चाहिए सभी वर्गों के परीक्षा के न्यूनतम पासमार्क 33 अंक होने चाहिए परीक्षा विकासखंड मुख्यालय पर होनी चाहिए परीक्षा पूर्णता ऑनलाइन मोड में ना होते हुए ऑफलाइन मोड में हूं यदि ऑनलाइन मोड में करना है तो 15 दिन का गहन कंप्यूटर ऑनलाइन प्रशिक्षण सभी शिक्षकों को दिया जाए 3 महीने का वैधानिक स्टडी लीव सभी कर्मचारियों को दिया जाए

3 TET परीक्षा कर्मचारी चयन मंडल के स्थान पर विभागीय स्तर पर आयोजित की जाए। शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से न कराकर शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय स्तर पर कराया जाए। उत्तर प्रदेश की व्यवस्था की तरह विभागीय स्तर पर परीक्षा आयोजित करने से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं शिक्षक हितैषी बनाया जा सकेगा।

4 वर्ष 2005 एवं 2008 से कार्यरत तथा व्यापम परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों को TET से छूट दी जाए। वर्ष 2005 एवं 2008 से नियुक्त वे शिक्षक, जिन्होंने व्यापम/निर्धारित चयन परीक्षा उत्तीर्ण कर शिक्षक के रूप।
में नियुक्ति प्राप्त की है, उन्हें वर्तमान TET परीक्षा से पूर्णतः छूट प्रदान की जाए। लंबे समय से शासकीय सेवा में कार्यरत एवं पूर्व में निर्धारित चयन प्रक्रिया से नियुक्त शिक्षकों को पुनः पात्रता परीक्षा में सम्मिलित करने से उत्पन्न कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस परीक्षा से मुक्त किया जाना न्यायोचित होगा।

5 TET परीक्षा की तैयारी के लिए कार्य दिवसों को अर्जित अवकाश का लाभ दिया जाए।

TET परीक्षा के फॉर्म भरने की तिथि से परीक्षा की तिथि तक शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी के लिए पृथक अवकाश उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। अतः उक्त अवधि में परीक्षा की तैयारी हेतु किए गए अतिरिक्त कार्य/समय को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्यदिवसों को अर्जित अवकाश के रूप में मान्य कर उसका लाभशिक्षकों को प्रदान किया जाए, अथवा परीक्षा की तैयारी एवं परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए पर्याप्त विशेष अवकाश प्रदान किया जाए।

6 सबसे पहले किसे TET देना है किसे नहीं देना है DPI से स्पष्ट आदेश निकलवाए जाना चाहिए

जिससे भ्रम की स्थिति समाप्त हो जाएगी

ई-अटेंडेंस के लिए प्रतिदिन प्रातः 11 बजे तक लॉगिन तथा सायं 7 बजे तक लॉगआउट का स्पष्ट एवं व्यावहारिक समय निर्धारित किया जाए तथा निर्धारित कार्य समय में किसी प्रकार का अनावश्यक फेरबदल न किया जाए। इससे शिक्षक निश्चिंत होकर अयूपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे और तकनीकी अथवा समय-संबंधी अनिश्चितता के कारण होने वाली परेशानी भी समाप्त होगी।

7 ई-अटेंडेंस के नियमों में इसी प्रकार बार-बार परिवर्तन कर शिक्षकों को परेशान किया जाता रहा, तो प्रदेश के शिक्षक इस व्यवस्था के प्रति अपना विरोध दर्ज कराने के लिए हमारे शिक्षक ऐप के उपयोग/इंस्टॉलेशन का सामूहिक बहिष्कार करने जैसे कठोर कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे। अतः विभाग से अनुरोध है कि शिक्षकों की सुविधा एवं व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक स्पष्ट स्थायी एवं शिक्षक हितैषी ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू की जाए।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश आपसे विनम्र आग्रह करता है कि प्रदेश के शिक्षकों एवं शिक्षक अभ्यर्थियों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक आदेश एवं दिशा-निर्देश जारी करने बाबत।

अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा
छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश
राजिक कुरैशी
हीरालाल चौरे
राजेश जैन
कमलकिशोर साहू, सतीश पवार, अनीता पवार,भावना ठाकरे ,शमसुननिशा,

हेमंत नांदेकर, बसंत भलावी, बीएन मांडरे, रीना धुर्वे, निर्मला चौरिया, उपा, बड़ी संख्या में शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे
छिंदवाड़ा दबंग इंडिया कन्हैया विश्वकर्मा