बड़ी लापरवाही: प्रदेश में मौतों के तांडव के बाद भी नहीं जागा पंचायत प्रशासन, 2 साल से नलों में आ रहा दूषित पानी
छिंदवाड़ा | दबंग इंडिया | कन्हैया विश्वकर्मा
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में दूषित पानी पीने से हुई 17 मौतों और सैकड़ों लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की हृदय विदारक घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। लेकिन जिला मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर दूर स्थित जनपद पंचायत छिंदवाड़ा की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत सारना में प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। यहाँ ग्रामीण पिछले 2 वर्षों से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जबकि इसी पंचायत में जनपद पंचायत के कद्दावर अधिकारी भी निवास करते हैं।
प्रधानमंत्री के ‘नल से जल’ सपने को लगा रहे पलीता
एक ओर केंद्र की मोदी सरकार ‘जल जीवन मिशन’ पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है ताकि हर घर को स्वच्छ पेयजल मिल सके, वहीं सारना ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस मिशन को ठेंगा दिखा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार सरपंच और सचिव से दूषित पानी की शिकायत की, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
प्रमुख बिंदु: आखिर जनता कब तक सहे?
- टैक्स की वसूली, पानी में गंदगी: ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्वच्छ पानी के नाम पर नियमित रूप से टैक्स वसूल रही है, लेकिन बदले में उन्हें बीमारियों वाला पानी दिया जा रहा है।
- अधिकारियों की चुप्पी: पंचायत के जिम्मेदार कर्मचारी इस मामले में यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि उन्हें दूषित पानी की जानकारी ही नहीं है।
- हादसे का इंतजार: “अभी तक कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है” जैसा गैर-जिम्मेदाराना तर्क देकर पंचायत प्रशासन क्या किसी मौत का इंतजार कर रहा है?
अधिकारी भी इसी पंचायत में, फिर भी अंधेरा!
हैरानी की बात यह है कि जिस पंचायत में जनपद स्तर के बड़े अधिकारी स्वयं रहते हों, वहां की जनता 2 साल से मूलभूत सुविधा के लिए तरस रही है। यह स्थिति जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या मुख्यालय के इतने करीब होने के बावजूद कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग की टीम इस ओर ध्यान नहीं देगी?
“हम 2 साल से गंदा पानी पी रहे हैं। शिकायत करो तो कोई सुनता नहीं। क्या हमारे बच्चों की जान की कोई कीमत नहीं है?”
— व्यथित ग्रामीण, ग्राम पंचायत सारनादबंग इंडिया का सवाल: अगर सारना में दूषित पानी से कोई महामारी फैलती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या प्रशासन जागने के लिए किसी लाश के गिरने का इंतजार कर रहा है?










