झिरपी में सजने से पहले उखड़ा बाल विवाह का मंडप; टीम ‘प्रदीपन’ और महिला बाल विकास ने बचाई मासूम की जिंदगी
दबंग इंडिया हर्रई/छिंदवाड़ा (कन्हैया विश्वकर्मा)। छिंदवाड़ा जिले के हर्रई सेक्टर अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहोरिया के ग्राम झिरपी में प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सतर्कता से एक बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोका गया। चाइल्ड हेल्पलाइन से मिली गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर 15 वर्षीय नाबालिग बालिका का विवाह रुकवाकर परिजनों को कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
दस्तावेजों में खुली पोल: जांच के दौरान आंगनबाड़ी और आधार कार्ड के रिकॉर्ड से पता चला कि बालिका की जन्म तिथि 28/08/2010 है, जिसके अनुसार उसकी उम्र महज 15 वर्ष 5 माह है। वहीं, दूल्हे की उम्र आधार कार्ड के अनुसार 35 वर्ष पाई गई। बालिका के परिजनों ने उसकी शैक्षणिक अंकसूची छिपाने का प्रयास किया, लेकिन टीम की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली।
कानूनी कार्रवाई का डर: मौके पर पहुंची महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक अंति उइके और गुंजा उइके ने परिजनों और ग्रामीणों को कानून का पाठ पढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत विवाह करने और करवाने वालों को 2 वर्ष का कठोर कारावास और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। इस चेतावनी के बाद परिजनों ने अपनी गलती मानी और विवाह रोकने पर सहमति जताते हुए पंचनामा भरा।
इनकी रही मुख्य भूमिका: इस संयुक्त अभियान में प्रदीपन टीम के जिला कोऑर्डिनेटर रामनाथ उइके, मनोज उइके, धीरेंद्र कुमरे, रेखा मरावी और मनोज इनवाती सक्रिय रहे। साथ ही ग्राम सरपंच लेखवती उइके, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माया मरावी, आशा कार्यकर्ता निराशा इनवाती और टेंट संचालक शिवकुमार वेदिवा की उपस्थिति में सभी को समझाइश देकर भविष्य में ऐसी गलती न करने की शपथ दिलाई गई।
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