शुक्ल परिवार में एक दशक से जीवंत है हाथों से गणेश बनाने की परंपरा, इस बार श्वेता शुक्ल ने बनाई इको-फ्रेंडली बाल गणेश प्रतिमा
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, नीली पोशाक और पुष्प मुकुट वाली प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र
छिंदवाड़ा दबंग इंडिया। छिंदवाड़ा शहर के पातालेश्वर मार्ग, श्री अन्नपूर्णा मंदिर के पास स्थित साहित्यकार विशाल शुक्ल के निवास पर गणेश स्थापना की एक अनूठी परंपरा पिछले एक दशक से भी अधिक समय से अनवरत चली आ रही है। यहाँ बाजार से मूर्ति नहीं लाई जाती, बल्कि परिवार स्वयं अपने हाथों से प्रतिमा बनाता है।
इस वर्ष भी यह परंपरा हर्षोल्लास के साथ निभाई गई। इस बार की मनोहारी बालस्वरूप गणेश प्रतिमा का निर्माण साहित्यकार विशाल शुक्ल की धर्मपत्नी श्रीमती श्वेता शुक्ल ने शुद्ध प्राकृतिक मिट्टी से अपने हाथों से किया है।
पूरी तरह इको-फ्रेंडली और पर्यावरण के अनुकूल यह प्रतिमा पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दे रही है। परिवार ने आकर्षक सजावट के साथ प्रतिमा की विधि-विधान से स्थापना की है। नीली पोशाक, पुष्प मुकुट और हाथ में मोदक लिए यह बाल गणेश प्रतिमा देखने वालों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
इस अवसर पर शुक्ल परिवार ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं को सपरिवार दर्शन के लिए आमंत्रित किया है।
छिंदवाड़ा दबंग इंडिया कन्हैया विश्वकर्मा










