को लेकर आज ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विरोध किया
संगम बांध से प्रभावित आदिवासी कृषक और ग्राम के लोग बांध का विरोध कर रहे है।
छिंदवाड़ा दबंग इंडिया /छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट कार्यालय में आज छिंदवाड़ा सिंचाई कंपलेक्स परियोजना अंतर्गत संगम 1बांध विरोध संघर्ष उलगुलान मोर्चा के तत्वाधान में विरोध दर्ज किया और कहा कि ग्रामवासी उक्त जमीन पर खेतीवाडी करते है।
यह जमीन पैतृक संपत्ति है जो हमारी जीविका का साधन है भारतीय संविधान के अनु. 21 के तहत जीवन जीने के अधिकार बढ़नित है बांध निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण होने पर जीवन संकटमय होने की संभावना है
संगम 1बांध निर्माण होने से हम भूमि हीन हो जाएंगे जिनसे आदिवासियों की रूढ़ी प्रथा और संस्कृति रीति रिवाज सभी जर जंगल जमीन से जुड़ी हुई है।
क्योंकि आदिवासी प्रकृति पूजक है जब कोई आदिवासी जन्म लेता है तो उसकी नाल से लेकर मृत शरीर तक जमीन में दफनाया जाता है बांध निर्माण होने से ग्रामवासियों का जीवन अस्त व्यस्त हो जाएगा।
छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना अंतर्गत संगम 1बांध निर्माण को लेकर ग्राम सभा ने किसी भी तरह की सहमति नहीं दी है!
छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना अंतर्गत संगम 1बांध निर्माण में जब प्रशासनिक स्वीकृति दी जाती है तब कृषकों की सहमति , ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य होती है लेकिन हम ग्रामवासियों कृषकों ने बांध निर्माण के लिए किसी भी प्रकार की सहमति नहीं दिया है!
भूमि अधिग्रहण अधिनयम 2013 की धारा 41 कहती ही की आदिवासी लोगों की भूमि का अधिग्रहण केवल अत्यंत अपरिहार्य स्थिति में ही किया जा सकता है।अधिग्रहण से पहले, स्थानीय ग्राम सभा की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है।
आदिवासी लोगों को उनकी परंपरागत आजीविका, संस्कृति, और समुदायिक अधिकारों की हानि न हो – इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। लेकिन संगम 1बांध निर्माण के लिए ग्राम सभा ने किसी भी तरह की अनुमति प्रदान नहीं किया।
जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित शर्मीला सरयाम ,शिवरावण तिरकाम गोंड, पवन सरयाम , शिवम पहाड़े, विपिन लोधी, सोने उईके मोनू धुर्वे एवं समस्त ग्रामवासी ने मिलकर आज कलेक्ट कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया।
छिंदवाड़ा दबंग इंडिया कन्हैया विश्वकर्मा










