दिव्यांग दिवस का दिव्यांगों ने किया विरोध
छिंदवाड़ा दबंग इंडिया- छिंदवाड़ा आज जिला प्रशासन द्वारा खजरी रोड स्थित डाइट परिसर में विश्व दिव्यांग दिवस का आयोजन किया गया।
यह आयोजन बिना किसी पूर्व योजना के आनन फानन में कर महज औपचारिकता निभाई गई जिससे बिना जानकारी के बहुत से दिव्यांग कलेक्टर परिसर के आसपास भटकते देखे गए।
बहुत से दिव्यांग इस कार्यक्रम में उपस्थित होने से वंचित हो गए। कार्यक्रम स्थल पर अव्यवस्था के कारण दिव्यांग जनों को अत्यंत कठिनाई का सामना करना पडा।
खराब रास्ते के कारण कई दिव्यांग अपने वाहन सहित गिरे। दिव्यांग जनों के अनुकूल शौचालय की व्यवस्था नहीं थी। कार्यक्रम स्थल पर ह्वीलचेयर की व्यवस्था न होने कई दिव्यांग जमीन पर घिसटते रहे। कार्यक्रम के अतिथि व अधिकारी गण लंच का लुत्फ लेते रहे और दोपहर तक चाय नाश्ते व भोजन की व्यवस्था न होने से भूखे प्यासे दिव्यांग आक्रोशित होकर धरने पर बैठ गए।
कार्यक्रम स्थल पर कुछ राजनीतिक छुटभैये नेता दिव्यांग जनों के तीखे सवालों से मुंह चुरा भाग खड़े हुए। काफी विरोध व शोर शराबे के बाद भोजन के पैकेट बुलाए गए। धरने पर बैठे दिव्यांग जनों से मिलने अधिकारियों ने कोई जहमत नहीं उठाई और औपचारिकता निभाकर चले गए।
यह देखकर दिव्यांग जनों ने डाइट परिसर के बाहर रोड पर अपने वाहन खडे़ कर चक्काजाम कर दिया।
जिससे आने जाने वाहनों को काफी समस्या का सामना करना पडा और आम जनता प्रशासन को कोसती रही जसके उपेक्षा पूर्ण रवैये के कारण दिव्यांग जनों को रोड पर उतरना पडा। 10 मिनट चक्का जाम के बाद दिव्यांग संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने चक्का जाम समाप्त कर आम जनता को सहयोग प्रदान किया।
दिव्यांग जनों ने आज विश्व दिव्यांग दिवस पर इसका बहिष्कार व धरना प्रदर्शन और चक्का जाम कर प्रशासन को कडी चेतावनी दी है कि जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दिव्यांग जनों के प्रति अपना रवैया नहीं बदला तो आगामी भविष्य में इससे बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। दिव्यांग अधिनियम 2016 के तहत किसी भी सुविधा का लाभ दिव्यांग जनों को नहीं मिल रहा है।
अधिकारी गण दिव्यांग जनों से बे रूखा व्यवहार कर सहयोग नहीं कर रहे है।
शासन की दिव्यांग हितैषी योजना के अन्तर्गत आवेदनों पर दिव्यांगों को गुमराह कर उन्हें उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है जिससे दिव्यांग हताश व परेशान है। आज भीषण महंगाई में दिव्यांग प्रति दिन 20/- पेंशन पर जी जी कर मरने को मजबूर है। वातानुकूलित कार्यालयों में बैठकर तुगलकी फरमान निकालने वाले दिव्यांगों की पीडा नहीं समझते। जनप्रतिनिधियों ने भी निर्वाचन के समय 1500/- पेंशन बढाने का वादा कर वोट हथिया कर सत्ता पर काबिज हो गए और दिव्यांग जनों की आवश्यकता को दरकिनार कर दिया।
दिव्यांग जनों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने हेतु लोन प्रदान करने, रोजगार स्वरोजगार की सारी योजनाएं कागजों पर दम तोड़ रही हैं।
दिव्यांग जनों के विशेष भर्ती अभियान को भी शासन ने बंद कर दिया। आज भी पूरे देश में मध्य प्रदेश में सबसे कम पेंशन 600/- आधा माह बीत जाने के बाद दी जा रही है। बिहार जैसे पिछडे प्रदेश में भी 1100/- पेंशन दी जा रही है फिर मध्य प्रदेश में क्यों नहीं दी जा रही। सुप्रीम कोर्ट के तल्ख़ टिप्पणी के बावजूद प्रदेश के जिम्मेदार आंख मूंदकर बैठे हुए है।
आज के धरना प्रदर्शन चक्का जाम मे दिव्यांग एकता एवं कल्याण मंच, समग्र दिव्यांग जन जागरूकता संघ, सतपुड़ा बधिर संघ के संयुक्त प्रयास से सैकड़ों दिव्यांग जनों ने आक्रोश व्यक्त कर शासन व जिला प्रशासन को कडा संदेश दिया ।
छिंदवाड़ा दबंग इंडिया कन्हैया विश्वकर्मा










