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सरकारी बांस पर कुल्हाड़ी चलाने की कोशिश नाकाम, देखते रह गए ‘सफेदपोश’ आका

खादी के ‘रसूख’ पर भारी पड़ा कानून का ‘हंटर’

छिंदवाड़ा दबंग इंडिया/ छिंदवाड़ा बीजेपानी कहते हैं कि जब रसूख और भ्रष्टाचार हाथ मिलाते हैं, तो सरकारी संपत्ति की बलि चढ़ती है।

बीजेपानी में भी कुछ ऐसा ही मंजर था, जहां ग्राम समिति और ठेकेदार के पीछे कुछ बड़े नेताओं का हाथ बताया जा रहा है।

16 दिसंबर को प्रशासन की संयुक्त टीम ने जब छापेमारी की, तो अवैध कटाई का खेल ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

अब चर्चा यह है कि क्या रसूखदारों के इशारे पर नाचने वाली समिति और ठेकेदार पर मामला दर्ज होगा?

दो दिन तक चला ‘प्रेशर ड्रामा’: सूत्र बताते हैं कि ठेकेदार दर्जनों लोगों के साथ दो दिनों से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था।

मकसद सिर्फ एक था—अधिकारियों को झुकाकर अवैध कटाई को जायज ठहराना।

आधी रात का था प्लान: टीम की सक्रियता से पता चला कि ठेकेदार रातों-रात पूरे जंगल को साफ करने की फिराक में था।

संयुक्त कार्रवाई से हड़कंप: सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार, पटवारी, वन विभाग और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ कटाई रुकवाई, बल्कि कटे हुए बांसों को भी जब्त कर वन विभाग को सौंप दिया।

कार्रवाई की तलवार: अब सबसे बड़ा सवाल ग्राम समिति और ठेकेदार की मिलीभगत पर है।

प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई और एफआईआर की तैयारी में है।

अधिकारियों का पक्ष: “नियमों के विरुद्ध जाकर किसी को भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अवैध बांस जब्त कर लिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।
छिंदवाड़ा दबंग इंडिया कन्हैया विश्वकर्मा