Home CITY NEWS महाशिवरात्रि 2026 चार पहर के मुहूर्त और महत्व

महाशिवरात्रि 2026 चार पहर के मुहूर्त और महत्व

दबंग इंडिया /कन्हैया विश्वकर्मा

मुहूर्त

15 फरवरी (6:11 PM से 09:22 PM) तक महत्व

प्रथम पहर की पूजा मुख्य रूप से संध्या काल (प्रदोष) में होती है।

विधि,पूजा में शिव जी का दूध और जल धारा से अभिषेक करना चाहिए।

द्वितीय पहर पूजा

(09:23 PM) से 15 फरवरी 16 फरवरी (12:34 PM) तक

ये पूजा रात्रि के दूसरे भाग में होती है।

इस पूजा में शिव जी का दही से अभिषेक करना चाहिए।

तृतीय पहर पूजा

16 फरवरी (12:35 AM से 03:46 AM) तक

ये पूजा मध्यरात्रि के समय की जाती है।

इस समय में शिव जी को घी और जल अर्पित करना चाहिए, साथ ही शिव स्तुति का पाठ भी करना चाहिए।

चतुर्थ पहर पूजा

16 फरवरी (03:46 AM से 06:59 AM) तक

ये पूजा मध्यरात्रि से ब्रह्म मुहूर्त तक चलती है।

इस समय में शिव जी को शहद अर्पित करना चाहिए, पूजा के बाद आरती की जाती है।

शिव शक्ति के दिव्य मिलन का महापर्व महाशिवरात्रि हिंदू धर्म की प्रमुख महानिशाओं में से एक माना जाता है।

इस पावन रात्रि में विशेष रूप से रात्रिकालीन पूजा का विधान है, जिसे चार पहरों में संपत्र किया जाता है।

मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन चार पहर में शिव व्रत, जप और विधिपूर्वक पूजन करने से साधक को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष (चार पुरुषार्थों) की प्राप्ति होती है।
पंडित मुकेश अवस्थी
छिंदवाड़ा एवं गुरैया -9424963433

महाशिवरात्रि पर्व की आप सभी को दबंग इंडिया परिवार की ओर से हार्दिक बधाई शुभकामनाएं

दबंग इंडिया कन्हैया विश्वकर्मा